Saturday, October 29, 2011

राजनैतिक, आर्थिक, संस्कृतिक मुद्दो और आम आदमी के सवालो पर सार्थक हस्तक्षेप Hastakshep.com

राजनैतिक, आर्थिक, संस्कृतिक मुद्दो और आम आदमी के सवालो पर सार्थक हस्तक्षेप Hastakshep.com

Link to Hastakshep.com

ये है तथाकथित तानाशाह गद्दाफी का असली सच

Posted: 29 Oct 2011 10:19 AM PDT

रणधीर सिंह सुमन दुनिया भर में क्रूरता का पर्याय और ज़ालिम तानाशाह बताए गए लीबिया के पूर्व शासक जनरल गद्दाफी आज इस दुनिया में नहीं हैं। गद्दाफी भले ही अपने शासन काल में बर्बर रहे हों लेकिन इस बात को भी नहीं झुटलाया जा सकता कि इस शासक ने अपनी प्रजा के लिए जो और [...]

पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/

बैकफुट पर अन्ना गुट

Posted: 29 Oct 2011 08:20 AM PDT

देशपाल सिंह पंवार इस समय देश में एक जुमला बेहद चर्चित है। मजबूरी का नाम मनमोहन सिंह। कोई भी कहीं भी अगर मजबूर होता है या दिखता है तो सबसे उम्दा संकट मोचक शब्द यही मिलता है। पहले मजबूरी के साथ राष्ट्रपिता को घसीटा जाता था। किसी भी कारण से सही कम से कम मनमोहन [...]

पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/

Protest against Formula 1 car rally

Posted: 29 Oct 2011 05:47 AM PDT

Socialist Party (India) Central Office                   3-4-514/8 Chandraiah Building, Bagh Lingampally Road, Barakatpura Hyderabad – 50027 Phone: 040-27425795 Delhi Office 270-A, Patpar Ganj, Opposite Anand Lok Apartments(Gate No.2)Mayur Vihar-1, Delhi  – 110091    Phone: 011-22756203 Email: socialistpartyindia@gmail.com Blog: socialistpartyindia.blogspot.com     Date: 29 October 2011 Press Invitation   Protest against Formula 1 car rally   [...]

पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/

लो आया खतो-किताबत का मौसम

Posted: 28 Oct 2011 11:37 PM PDT

अरविन्द त्रिपाठी ……..क्या ख़ाक इक्कीसवीं सदी आई है ? ज़माना आज भी नहीं बदला . कहते हैं कि आदमी चाँद को पार कर मंगल सहित दूसरे ग्रहों में जाने और बसने की फिराक में है. अचानक चचा चकल्लसी बडबडाते हुए गली के कुन्ने से निकले. उनकी बातों में एक अजीब सा दंभ और दर्प था. ऐसा [...]

पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/

श्रीलाल शुक्ल की मौत के बाद का आत्ममंथन

Posted: 28 Oct 2011 11:12 PM PDT

शेष नारायण सिंह  राग दरबारी  वाले शुकुल जी की मौत हो गयी. होनी ही थी. बुज़ुर्ग थे. उनकी मौत के बाद अपनी भी छाती में शूल चुभ रहा है. लगता है जैसे अपने ही सगे काका मर गए हों . दरअसल श्रीलाल शुक्ल के राग दरबारी ने ज़िंदगी में कहीं बहुत अंदर तक जाकर अपने को संबल दिया था. [...]

पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/

लौट रहा है, अकादमिक संस्थानों में विचारों के सैन्यीकरण का दौर

Posted: 28 Oct 2011 11:01 PM PDT

रामकथा के विभिन्न रूप पर एतराज किसे है ? सुभाष गाताडे शिक्षा संस्थान और सैनिक स्कूलों में क्या फरक होता है। शिक्षा संस्थान जहां उसमें दाखिला लेने वाले छात्रों में ज्ञान हासिल करने का जज्बा पैदा करते हैं, स्वतंत्र चिन्तन के लिए उन्हें तैयार करते हैं, उनकी सृजनात्मकता को नए पंख लगाने में मुब्तिला होते [...]

पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/

मीडिया को काबू करने का काम कहीं न्यायपालिका तो नहीं करेगी ?

Posted: 28 Oct 2011 10:37 PM PDT

शेष नारायण सिंह  मीडिया को भी संभल कर रहने का सन्देश बहुत ही साफ़ ज़बान में मिलना शुरू हो गया है. देश के सबसे बड़े अंग्रेज़ी अखबार से जुड़े हुए अंग्रेज़ी न्यूज़ चैनल ने पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे मामलों से पर्दा उठाया है कि कुछ नेताओं के लिए बहुत ही मुश्किल पैदा हो गयी है. सुरेश [...]

पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/

No comments:

Post a Comment