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- क्या पत्रकारिता पर काटजू की न सुनकर तस्करों को सुना जाए???
- बाजार बड़ा या आत्म-नियमन?
- भ्रष्टाचार: केंद्र के मामले में मौन पर माया पर मेहरबान हैं युवराज
- मर रहे बच्चे सरकार संवेदनहीन
- क्या सचमुच विकास के लिए छोटे राज्य जरुरी हैं?
| क्या पत्रकारिता पर काटजू की न सुनकर तस्करों को सुना जाए??? Posted: 24 Nov 2011 07:46 AM PST अमलेन्दु उपाध्याय दिवंगत पत्रकार प्रभाष जोशी की याद में दिल्ली में "प्रभाष परंपरा न्यास" का गठन किया गया है। यह न्यास प्रत्येक माह पत्रकारिता से जुड़े किसी एक गंभीर मुद्दे पर बहस आयोजित करता है जिसमें किसी वरिष्ठ पत्रकार या विषय विशेषज्ञ का भाषण होता है फिर उपस्थित बुद्धिजीवी सवाल जबाव करते हैं। इसी प्रभाष [...] पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/ |
| Posted: 24 Nov 2011 06:29 AM PST आनंद प्रधान कसमे-वादे, आत्मनियंत्रण और आत्म-नियमन सब बातें है, बातों का क्या न्यूज चैनलों की दुनिया में इन दिनों खासी उथल-पुथल है. प्रेस काउन्सिल के नए अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू के बयानों और इरादों से हडकंप मच हुआ है. ऐसा लगता है कि चैनलों को जस्टिस काटजू के डंडे का डर सताने लगा है. नतीजा, [...] पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/ |
| भ्रष्टाचार: केंद्र के मामले में मौन पर माया पर मेहरबान हैं युवराज Posted: 24 Nov 2011 06:14 AM PST 0 आखों के सामने लूट ले इंडिया पर राहुल का मौन संदिग्ध 0 उत्तर प्रदेश में दिख रहा भारी भ्रष्टाचार लिमटी खरे नई दिल्ली। कांग्रेस की नजर में भविष्य के प्रधानमंत्री राहुल गांधी इन दिनों उत्तर प्रदेश में सियासी बिछात बिछा रहे हैं। उत्तर प्रदेश की निजाम मायावती पर हर पल निशाना साधते हुए वे [...] पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/ |
| Posted: 24 Nov 2011 05:59 AM PST शिव दास जसमों ने किया दौरा, जांच रिर्पोट जारी सोनभद्र 21 नवम्बर 2011, रिहंद बांध के समीप बसे गांवों में प्रदूषित पानी से ग्रामीणों की हो रही मौतों का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले वर्ष इस क्षेत्र के बेलहत्थी, पाटी, [...] पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/ |
| क्या सचमुच विकास के लिए छोटे राज्य जरुरी हैं? Posted: 23 Nov 2011 06:44 PM PST सुमंत विद्वांस हाल ही में उप्र में बहुजन समाज पार्टी की सरकार द्वारा पारित राज्य के चार भागों में बाँटने का एकतरफा प्रस्ताव विधानसभा में पारित किए जाने के बाद राज्यों के पुनर्गठन और छोटे राज्यों के लाभ-हानि को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है. इसके पक्ष और विपक्ष में बोलने वाले लोगों [...] पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/ |
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