Thursday, February 16, 2012

राजनैतिक, आर्थिक, संस्कृतिक मुद्दो और आम आदमी के सवालो पर सार्थक हस्तक्षेप Hastakshep.com

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यूपी में अब न चल पाएगी फिरकेवाराना सियासत

Posted: 16 Feb 2012 08:55 AM PST

शेष नारायण सिंह उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के पहले दौर के मतदान के बाद तस्वीर कुछ साफ़ होने लगी है . करीब एक महीने पहले तक माना जा रहा था कि चुनाव में मुकाबले चार मुख्य पार्टियों में होंगें लेकिन बीजेपी के चुनावी अभियान के कारण उसके पुराने वोटरों में वह उत्साह नहीं पैदा [...]

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विकास के नाम पर नदियों की अन्त्येष्टि का प्रयास

Posted: 16 Feb 2012 05:52 AM PST

बलिदान का आह्वान करती गंगा मनेरी बांध से आठ किमी बाद सूखी गंगा अभिषेक रंजन क्या यह उचित है कि माँ का 90 प्रतिशत खून केवल यह कहकर निकाल लिया जाए कि उससे उसके बेटे को अपने शारीरिक विकास में मदद मिलेगी? यही हो रहा है पवित्र गंगा के साथ। जो लोग गंगा पर बनने [...]

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‘हरेकृष्ण आंदोलन’ के नए मुरीद!

Posted: 15 Feb 2012 10:50 PM PST

सुभाष गाताडे सुदूर साइबेरिया के नगर टोम्स्क की अदालत में जारी एक कार्रवाई ने पिछले दिनों गजब का करिश्मा दिखाया। संसद जो निर्वतमान वर्ष में विभिन्न कारणों से बाधित होती रही है, वहां पक्ष विपक्ष के सांसद उपर्युक्त कार्रवाई को लेकर अचानक एक दूसरे के सुर में सुर मिलाते दिखे। सदस्यों की उत्तेजना को देखते [...]

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अन्ना के जमाने में भी यूपी चुनाव पर हावी है जातिवाद

Posted: 15 Feb 2012 08:43 PM PST

तेजवानी गिरधर चंद रोज पहले पूरा देश अन्ना हजारे के साथ ऐसा खड़ा था, मानों वह अब देश की तस्वीर बदल कर ही दम लेगा। युवा बाहुओं में बड़ा जोश-खरोश था। पिज्जा-बर्गर संस्कृति में डूबी युवा पीढ़ी की मु_ियां देश को एक नई आजादी के लिए तनी हुई थीं। मगर जैसे ही चुनावी बुखार आया, [...]

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आतंकवाद का संघी चेहरा- गोडसे से प्रज्ञा तक

Posted: 15 Feb 2012 07:18 PM PST

  शाहनवाज आलम राष्टीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा की हिंदुत्ववादी राजनीति पर भारतीय और विदेशी लेखकों ने काफी काम किया है। लेकिन सुभाष गाताडे की 'गोडसेज चिल्ड्रेन- हिंदुत्वा टेरर इन इंडिया' इन सबसे कई मायनों में अलग है।ऐसा इसलिये कि अब तक हिंदुत्ववादी राजनीति के आलोचकों की बडी जमात भी उसे सिर्फ एक प्रतिक्रियावादी, [...]

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