राजनैतिक, आर्थिक, संस्कृतिक मुद्दो और आम आदमी के सवालो पर सार्थक हस्तक्षेप Hastakshep.com | |
- खतरा बढ़ रहा है मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के लिए
- भाजपा में नहीं आल इज वेल
- कैसे कहें इन लोगों को पढ़ा-लिखा
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मिशन भारतीयम की अपील पर मांगी रिपोर्ट
- प्रो. पालशिकर ! मुझे खेद है – डॉ. आंबेडकर
- इस संसद में हमारा कौन है?
- भारत के संविधान निर्माता को वहाँ उस मुकाम तक किसने पहुचाया ? उस फ़कीर का नाम है गांधी …
- कार्टून विवाद से तानाशाही और कट्टरपंथी ताकतें ही मज़बूत हुई हैं
- तानाशाही की राजनीति करने वालों यूं न रौंद पाओगे डॉ अंबेडकर और नेहरू के लिबरल राजनीतिक विचारों को
| खतरा बढ़ रहा है मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के लिए Posted: 13 May 2012 10:23 AM PDT लखनउ 13 मई 2012/ प्रदेश में लोगों के अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकताओं पर हमले बढ़ रहे हैं। गांव की जमीन छीनी जा रही है। गांव और गरीब के लिए आवाज उठाने वालों पर हमला हो रहा है। इन कार्यकर्ताओ पर होने वाले हमलों को कैसे रोका जाय। उत्तर प्रदेश में मानवाधिकार कार्यकताओं [...] पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/ |
| Posted: 13 May 2012 08:41 AM PDT सब को चाहिए कंबल, वो भी सत्ता का। सत्ताई कंबल की आभा ही सबसे अलग होती है। सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं चाहे रंग ही बदलना पड़े। मंजूर है। भाजपा में आजकल किसी का भी दिल,किसी से नहीं मिल रहा है। सभी एक दूसरे की बद्धी काट रहे [...] पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/ |
| कैसे कहें इन लोगों को पढ़ा-लिखा Posted: 13 May 2012 08:00 AM PDT सुभाष राय बार-बार इस बात की चर्चा होती है कि हमें एक पढ़ा-लिखा समाज बनाना है। यह पढ़े-लिखे का क्या मायने है? क्या वो पढ़ा-लिखा माना जाना चाहिए जिसने बहुत सारे तथ्य और आंकड़े अपने दिमाग में ठूस रखे हैं और जब-तब उनके जरिये लोगों पर अपने ज्ञान का आतंक पैदा करता रहता है? या [...] पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/ |
| राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मिशन भारतीयम की अपील पर मांगी रिपोर्ट Posted: 13 May 2012 07:53 AM PDT प्रेस विज्ञप्ति PRESS RELEASE राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मिशन भारतीयम की अपील पर मांगी रिपोर्ट बस्ती जनपद में १० मार्च को जिला कारागार में हुए गोली काण्ड पर मानवाधिकार कार्यकर्ता और मिशन भारतीयम के संस्थापक रवि नितेश ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज की . ११ मार्च को दाखिल की गयी अप्पील और उस [...] पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/ |
| प्रो. पालशिकर ! मुझे खेद है – डॉ. आंबेडकर Posted: 13 May 2012 07:30 AM PDT एस. आर. दारापुरी प्रो. पालशिकर कल आप के कार्यालय में तथाकथित रिपब्लिकन पार्टी के चार सदस्यों द्वारा मेरे कार्टून को लेकर जो तोड़फोड़ की गयी उसके लिए मुझे बहुत खेद है. मुझे विश्वास है कि शायद वे नहीं जानते कि उन्होंने क्या किया है. इस लिए आप उन्हें माफ़ कर दें. उनके इस कृत्य पर [...] पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/ |
| Posted: 13 May 2012 06:50 AM PDT पलाश विश्वास हमारी संसद ने 13 मई, रविवार को अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे कर लिए। इस तेरह मई को सविता और मेरे विवाह के भी २९ साल पूरे हो गये। जैसे हर भारतीय विवाह वार्षिकी या जन्मदिन मनाने की हालत में नहीं होता, जयादातर को तो तिथियां मालूम नहीं होतीं, उसी तरह संसद [...] पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/ |
| भारत के संविधान निर्माता को वहाँ उस मुकाम तक किसने पहुचाया ? उस फ़कीर का नाम है गांधी … Posted: 13 May 2012 06:12 AM PDT उनके लिए जो एक कार्टून देख कर भडकते हैं कट्टरता की हद हो गयी. एक कार्टून ने सब को उघार दिया —————————— चंचल नामाकूलो ! आज कह रहें हो कार्टून न बने, कुछ कहा न जाय, दिन रात बस तुम्हे सहा जाय, तुम जनतंत्र की ……………………………..क्या कहेंगे बच्चे तुम्हे? तुममे इतनी भी बर्दाश्त करने की [...] पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/ |
| कार्टून विवाद से तानाशाही और कट्टरपंथी ताकतें ही मज़बूत हुई हैं Posted: 12 May 2012 09:02 PM PDT डॉ. आंबेडकर के कार्टून पर राजनीति से उपजे खतरे एस. आर. दारापुरी लोक सभा और राज्य सभा में राष्ट्रीय शैक्षिक एवं अनुसन्धान परिषद ( एनसीआरटी) की किताब में डॉ. बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर पर छपे कार्टून को लेकर कुछ सदस्यों दुआरा इसे आपत्तिजनक कह कर हंगामा किया गया. दोनों सदनों में विपक्ष ने सरकार [...] पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/ |
| तानाशाही की राजनीति करने वालों यूं न रौंद पाओगे डॉ अंबेडकर और नेहरू के लिबरल राजनीतिक विचारों को Posted: 12 May 2012 08:29 PM PDT शेष नारायण सिंह २८ अगस्त १९४९ को शंकर्स वीकली में छपे एक कार्टून को लेकर डॉ अंबेडकर के नाम पर वोट की भीख मांगने वालों ने हल्ला मचाया और डॉ अंबेडकर की राजनीति और दर्शन शास्त्र के जानकारों ने चुप्पी साध ली. उस कार्टून का सन्दर्भ नहीं जाना और नेताओं की हाँ में हाँ मिलाते नज़र आये. [...] पूरा आलेख पढने के लिए देखें एवं अपनी प्रतिक्रिया भी दें http://hastakshep.com/ |
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