Saturday, May 19, 2012

राजनैतिक, आर्थिक, संस्कृतिक मुद्दो और आम आदमी के सवालो पर सार्थक हस्तक्षेप Hastakshep.com

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जरा सी परवरिश भी चाहिये हर एक रिश्ते को, अगर सींचा नहीं जाये तो पौधा सूख जाता है

Posted: 19 May 2012 10:11 AM PDT

जयश्री राठौड़ हरियाणा साहित्य अकादमी और दिल्ली की सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था चेतना इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से नई दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन जिसमें प्रख्यात हास्य कवि अल्हड़ बीकानेरी को याद किया गया। समारोह के शुरू में अल्हड़ जी के जीवन पर बना वृतचित्र दिखाया गया, जिसमें अल्हड़ स्वयं अपनी कविता  भी गाकर सुना [...]

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ये लो और सुनो नया फ़ंडा सरकार का

Posted: 19 May 2012 09:59 AM PDT

काजल कुमार के कार्टून http://kajalkumar.tk  

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कारपोरेट आईपीएल मीडिया जो कर रहा है, वही सोशल मीडिया करने लगा

Posted: 19 May 2012 05:01 AM PDT

अभिव्यक्ति के सारे रास्ते बंद नहीं हुए हैं बशर्ते कि हमें उनके इस्तेमाल की तमीज हो और हमारे सरोकार भी जिंदा हों! पलाश विश्वास   हमारे लोगों को जन्म दिन मनाने की आदत नहीं है । दरअसल उत्सव और रस्म हमारे यहां खेती बाड़ी और जान माल की सुरक्षा के सरोकारों से संबंधित हैं। धर्म और [...]

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अब टूट गिरेंगी ज़जीरें, अब जि़न्दानों की खै़र नहीं

Posted: 19 May 2012 04:32 AM PDT

आमंत्रण पत्र 4 था राष्ट्रीय सम्मेलन 26-28 मई 2012 देहरादून, उत्तराखण्ड राष्ट्रीय वन-जन श्रमजीवी मंच प्रिय साथी, हमें यह बताते हुए बेहद हर्ष हो रहा है कि मंच का चैथा राष्ट्रीय सम्मेलन दिनांक 26 से 28 मई 2012 को देहरादून उत्तराखण्ड में आयोजित किया जा रहा है। बीस राज्यों के सदस्य संगठन एवं दोस्त संगठन [...]

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जलविद्युत परियोजनाओं के समर्थन के बहाने

Posted: 19 May 2012 02:50 AM PDT

प्रवीण भट्ट उत्तराखंड में जलविद्युत परियोजनाओं के सवाल पर चल रहा आंदोलन अब दो हिस्सों में बँट गया है। जलविद्युत परियोजनाओं का विरोध कर रहे लोग एक तरफ और जलविद्युत परियोजनाओं के समर्थक दूसरी ओर। नए मुख्यमंत्री ने गंगा-भागीरथी में निर्माणाधीन, बंद पड़ी तीन परियोजनाओं पाला मनेरी, मनेरी भाली और भैंरोघाटी को खोलने का समर्थन [...]

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दलितों को दमित बनाए रखने का षडयंत्र

Posted: 19 May 2012 01:40 AM PDT

राम पुनियानी  पिछले माह (अप्रैल, 2012) के मध्य में हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय में गौमांस भक्षण के मुद्दे पर अनापेक्षित हिंसा हुई। विश्वविद्यालय के दलित छात्रों का एक तबका लंबे समय से मांग कर रहा था कि होस्टलों के मेन्यू में गौमांस शामिल होना चाहिए। उन्होंने एक "गौमांस उत्सव" का आयोजन भी किया जिसमें बड़ी [...]

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यूं न बुझेगी, जो आग जल चुकी है

Posted: 19 May 2012 12:02 AM PDT

अपूर्वानन्द संसद राजनीति और लोकतंत्र पर स्कूली किताबों में कार्टून नहीं चाहती है. इस मसले को लेकर संसद के दोनों ही सदनों में सारे राजनीतिक दलों में अभूतपूर्व मतैक्य देखा  गया. एक राजनीतिक  दल, जिसका नाम नेशनल कान्फरेंस है, इस दमनकारी बहुमत से अलग स्वर में बोलने की कोशिश करता रह गया, उसे क्रूर बहुमत ने बोलने नहीं दिया. आखिर वह एक बहुत छोटे [...]

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Please Join: VANDANA SHIVA to Release the National Appeal on Koodankulam at the India Gate THIS SUNDAY

Posted: 18 May 2012 09:52 PM PDT

An Urgent Appeal to the Conscience of the Nation on Koodankulam: Please Sign!! Vandana Shiva, the prominent Indian eco-feminist scholar and activist, would be releasing the  "Appeal to the Conscience of the Nation on Koodankulam" this Sunday – May 20th at 6 PM at the India Gate in New Delhi. The appeal, endorsed by eminent [...]

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दिल्ली दरबार के कारिंदों ने भोपाल के दर्द को १९८९ में बेच लिया था

Posted: 18 May 2012 08:50 PM PDT

शेष नारायण सिंह भारत के इतिहास  में अस्सी के दशक को एक ऐसे कालखंड के रूप में याद किया जाएगा जिसमें आजादी की लड़ाई के मुख्य मूल्यों और मान्यताओं को  तिलांजलि देने का काम शुरू हो गया था. धर्मनिरपेक्ष राजनीति और सामाजिक बराबरी का लक्ष्य हासिल करना  स्वतंत्रता संगाम का स्थायी भाव था .१९२० से १९४७ तक चली आज़ादी की [...]

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