Sunday, June 10, 2012

राजनैतिक, आर्थिक, संस्कृतिक मुद्दो और आम आदमी के सवालो पर सार्थक हस्तक्षेप Hastakshep.com

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दादा को राष्ट्रपति बनने से रोक कर बाजार से लड़ पाएंगी ममता?

Posted: 10 Jun 2012 10:02 AM PDT

क्या विश्वपुत्र प्रणव मुखर्जी को राष्ट्रपति बनने से रोककर ममता खुले बाजार की राजनीतिक आर्थिक व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह कर पायेंगी? एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास क्या विश्वपुत्र प्रणव मुखर्जी को राष्ट्रपति बनने से रोककर ममता खुले बाजार की राजनीतिक आर्थिक व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह कर पायेंगी? कल तक तो यही खबर थी किराष्ट्रपति चुनाव के लिए [...]

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नायकों को अधिक महान और कम महान के रूप में विभाजित करना अत्यंत शर्मनाक खेल है

Posted: 10 Jun 2012 08:07 AM PDT

आंबेडकर और गांधी पर एक निरर्थक बहस कँवल भारती कुछ लोगों द्वारा SMS करके वोट करने को कहा जा रहा है कि गांधी के बाद या गांधी से बेहतर कौन भारतीय महान है–डा. आंबेडकर या महात्मा गांधी?  दलितों को अधिक से अधिक सन्देश भेज कर डा. आंबेडकर का चयन करने को कहा जा रहा है. [...]

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यह विकल्प नहीं अस्तित्व का विभाजन है,

Posted: 10 Jun 2012 07:38 AM PDT

अंजनी कुमार 8 जून 2012… सेशन कोर्ट, इलाहाबाद। सुबह 11बजे से न्याय के इंतज़ार में हम लोग खड़े थे। सीमा आज़ाद और विश्वविजय कोर्ट में हाजि़र नहीं थे। वकील ने बताया कि जज साहब दोपहर बाद ही बैठेंगे, वह अभी भी ‘न्याय’ को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं। हम लोगों के लिए इस व्यस्तता को जान पाना व [...]

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दिल्ली मेट्रो रेल के मज़दूर अपने बुनियादी हकों के लिए जन्‍तर मन्‍तर पर प्रदर्शन सोमवार को

Posted: 10 Jun 2012 07:04 AM PDT

नई दिल्ली, 10 जून। दिल्ली की शान कही जाने वाली मेट्रा रेल के ठेका मज़दूरों के श्रम-कानूनों का ठेका कम्पनियों द्वारा खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। अपने इन्ही बुनियादी हक-अधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ सैकड़ों दिल्ली मेट्रो के मज़दूर 'दिल्ली मेट्रो कामगार यूनियन'(डी.एम.के.यू.) की अगुवाई में डी.एम.आर.सी. और ठेका कम्पनी जे.एम.डी. कन्सल्टेन्ट्स के खिलाफ [...]

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सीतापुर में 12 जून को जुटेंगे मानवाधिकार कार्यकर्ता

Posted: 10 Jun 2012 07:01 AM PDT

पीपुल्स यूनियन फाॅर सिविल लिबर्टिज (पीयूसीएल) उत्तर प्रदेश निर्दोष मुस्लिम नौजवानों आतंकवाद के नाम पर फंसाने के खिलाफ मानवाधिकार जनसम्मेलन लखनऊ 10 जून 2012/ कतील सिद्ीकी की पुणे जेल में हत्या, फसीह महमूद को जांच एजेंसियों द्वारा गायब कर दिए जाने और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्दोष मुस्लिम युवकों  की रिहाई के अपने वायदे से [...]

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सच लिखने की सजा : आजाद को उम्रकैद

Posted: 10 Jun 2012 06:06 AM PDT

रणधीर सिंह सुमन दस्तक मैगजीन की संपादक सीमा आजाद को फरवरी 2010 में उनके पति विश्विजय के साथ एस.ओ.जी ने गिरफ्तार कर लिया था और उनके ऊपर 121, 121 ए, 120 बी भारतीय दंड विधान संहिता के साथ-साथ विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 13, 48, 39, 18 व 20 के तहत चालान कर [...]

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जग जीते जगजीत

Posted: 10 Jun 2012 05:52 AM PDT

जगजीत सिंह वो नाम है, जिसने पूरी दुनिया को अपनी आवाज का दीवाना बनाया। बीते वर्ष जब जगजीत सिंह का निधन हुआ तो पूरी दुनिया में उनके फेंस की आंखे नम थीं।जगजीत के बचपन की मासूमियत से लेकर जवानी की शरारतों तक और मुम्‍बई के संघर्ष से लेकर सुरों की बादशाहत के सफरनामे को पुस्‍तक में [...]

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मंटो को दुबारा पढ़े जाने की है जरूरत

Posted: 10 Jun 2012 03:50 AM PDT

अमित विश्‍वास   मंटो की जन्‍मशती समारोह में विमर्श करने जुटे साहित्यिक दिग्‍गज इलाहाबाद, 09 जून, 2012; शहर इलाहाबाद और यहां की अदबी रवायत व गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए आज का दिन यादगार बन गया क्‍योंकि विभाजन की त्रासदी, स्‍त्री विषयक मुद्दों पर बेवाकी से कलम चलाने वाले कथाकार सआदत हसन मंटो के विचारों को [...]

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मोदी की प्रधानमंत्री बनने की चाह ‘मुंगेरी लाल के सपने’ जैसी है

Posted: 10 Jun 2012 02:30 AM PDT

तनवीर जाफरी भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्तागण भले ही मीडिया के समक्ष बार-बार यह उद्घोष करने से बाज़ न आ रहे हों कि उनकी पार्टी में नेताओं की कोई कमी नहीं है तथा प्रथम व द्वितीय श्रेणी के नेताओं की भाजपा में लंबी क़तार है। पंरतु 2009 में लाल कृष्ण अडवाणी के प्रतीक्षारत प्रधानमंत्री होने [...]

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सीमा आजाद और उनके पति विश्वविजय आजाद को उम्रकैद

Posted: 10 Jun 2012 01:28 AM PDT

कौशल किशोर आज ऐसी व्यवस्था है जहाँ साम्प्रदायिक हत्यारे, जनसंहारों के अपराधी, कॉरपोरेट घोटालेबाज, लुटेरे, बलात्कारी, बाहुबली व माफिया सत्ता की शोभा बढ़ा रहे हैं, सम्मानित हो रहे हैं, देशभक्ति का तमगा पा रहे हैं, वहीं इनका विरोध करने वाले, सर उठाकर चलने वालों को देशद्रोही कहा जा रहा है, उनके लिए जेल की काल [...]

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कल्पना कीजिए भारत में हिंदुत्व राजधर्म घोषित हो गया है, और संविधान की जगह मनुस्मृति ने ले ली है.

Posted: 10 Jun 2012 12:26 AM PDT

मोहन क्षोत्रिय संघ की यह रणनीति जानकर विस्मय नहीं हुआ कि दिल्ली की गद्दी पर कब्ज़ा करने के लिए नरेंद्र मोदी को उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़वाने का मन बना लिया गया है, और यह भी कि वह पूरे देश में पार्टी (खुद का) का प्रचार करेंगे. यह अच्छा रहेगा कि देश में सब कुछ [...]

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संगठन की दुहाई देने वाली भाजपा में व्यक्ति हो गए हावी

Posted: 09 Jun 2012 11:30 PM PDT

तेजवानी गिरधर यह बात सिद्धांतत: तो सही है कि लोकतंत्र में व्यक्तिवाद और परिवारवाद का कोई स्थान नहीं होना चाहिए और नीति व विचार को ही महत्व दिया जाना चाहिए, मगर सच्चाई ये है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश कहलाने वाले हमारे भारत में परिवारवाद और व्यक्तिवाद ही फलफूल रहे हैं। कांग्रेस की [...]

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‘अस्‍पताल के बाहर टेलीफोन’

Posted: 09 Jun 2012 10:45 PM PDT

'अस्‍पताल के बाहर टेलीफोन' कविता संग्रह के लिए पवन करण को मिला केदार सम्‍मान  संतोष भदौरिया इलाहाबाद, 09 जून, 2012; केदार शोध पीठ, बॉंदा द्वारा हिन्‍दुस्‍तानी एकेडमी के सभागार में आयोजित भव्‍य समारोह के दौरान 'अस्‍पताल के बाहर टेलीफ़ोन' कविता संग्रह के लिए पवन करण को केदार सम्‍मान,1 2011 से सम्‍मानित किया गया। सम्‍मान समारोह [...]

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मर गया देश, जीवित रहे तुम !!! अब जनता त्राहि-त्राहि करे या त्राहिमाम !

Posted: 09 Jun 2012 09:06 PM PDT

  ऊपर-ऊपर लाल मछलियाँ, नीचे ग्राह बसे ! यह डिंपल यादव का निर्विरोध निर्वाचन तो लोकतंत्र का मर जाना ही है दयानंद पांडेय डिंपल यादव का कन्नौज से इस तरह निर्विरोध जीत जाना क्या लोकतंत्र का मर जाना भी नहीं है? खतरनाक है इस तरह लोकतंत्र का मर जाना। मुक्तिबोध की एक कविता ऐसे में [...]

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क्यों रच रहे हैं हम ऐसा भयावह समाज…?

Posted: 09 Jun 2012 08:46 PM PDT

  मजदूरों के जीवन में रंग कौन भरेगा? आखिर कब तक मजदूरों के साथ छल होता रहेगा? कब तक…? अरुण कुमार झा 1750 के आस-पास यूरोप में औद्योगिक क्रांति का बिगुल बजा था। इसके चलते दुनिया के उद्योग-व्यापार से जुडे पूँजीपतियों के चेहरे दमकने लगे, वहीं मजदूरों के माथे पर बल पड़ गया। उनके शोषण [...]

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