Friday, June 22, 2012

राजनैतिक, आर्थिक, संस्कृतिक मुद्दो और आम आदमी के सवालो पर सार्थक हस्तक्षेप Hastakshep.com

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जिए मोरे राजा

Posted: 22 Jun 2012 08:16 AM PDT

सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर बैठे लोग जिसपे राज करते है जिनके बदौलत वे है | कभी भी नही चाहते की वे कही से सुखी रहे वे हर पल किल्लत की जिन्दगी जिए अभाव में रहे ताकि निरीह बनके सत्ता के आगे नतमस्तक रहे विजयदान देथा की कहानी पर आधारित नाटक ” जिए मोरे राजा [...]

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A prosperous and happy neighbor is better than a week but volatile one

Posted: 22 Jun 2012 04:47 AM PDT

Kk Singh After the overthrow of Monarchy in Nepal there was shift in Indo-Nepal relation. Even though overtly Nepal is not pro China but it seems natural that the two countries have better relation today. Here it's very interesting to note that China is no more towing the line of Mao or Marxism-Leninism. During Monarchism [...]

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कौन रिझाएगा मेघों को

Posted: 22 Jun 2012 02:37 AM PDT

विवेक दत्त मथुरिया इस वक्त प्रकृति का कहर असहनीय ताप के रूप में देखने को मिल रहा है। आग उगलता सूर्य, जैसे प्रकृति का गुस्सा सातवे आसमान पर हो। ऊपर से अघोषित बिजली की कटौती। घर से बाहर आस-पास कहीं कोई हरियाली छाया नहीं । जिधर भी नजर डालों कंक्रीट का ही जंगल नजर आता [...]

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अंग्रेजी एक भाषा है या अलग सम्प्रदाय…..?

Posted: 21 Jun 2012 11:02 PM PDT

अशोक गुप्ता एक नहीं, अनेक दृष्टांत बार बार सामने आते हैं जो द्वन्द रचते हुए यह प्रश्न याद करा जाते हैं. भारत की अपनी आज़ादी के बाद देश की स्वतंत्र रूप से बनती छवि में अंग्रेजी का रंग बाकायदा घना था और उम्मीद की जा रही थी कि सांस्कृतिक आधिपत्य नुमा यह दाग , जाते [...]

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नीतीश का वार ही है मोदी का हथियार

Posted: 21 Jun 2012 10:02 PM PDT

पुण्य प्रसून बाजपेयी जनसंघ के दौर में आडवाणी की तुलना में अटल बिहारी वाजपेयी कहीं ज्यादा कट्टर संघी थे। और वाजपेयी की इसी पहचान ने उन्हें दीनदयाल उपाध्याय के बाद जनसंघ का अध्यक्ष बनवाया। लेकिन वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने के दौर में आडवाणी की पहचान कट्टर संघी के तौर पर हो गई। और वाजपेयी सेक्युलर [...]

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