Friday, August 10, 2012

राजनैतिक, आर्थिक, संस्कृतिक मुद्दो और आम आदमी के सवालो पर सार्थक हस्तक्षेप Hastakshep.com

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आस्था के लुप्‍त होते सूत्रों की खोज करती हैं मनीषा की रचनाएं : संजीव

Posted: 10 Aug 2012 10:42 AM PDT

साहित्यिकअयोजन 'कृष्‍ण प्रताप कथा सम्‍मान २०११' मनीषा कुलश्रेष्‍ठ कृष्‍ण प्रताप कथा सम्‍मान से सम्‍मानित वर्धा, 10 अगस्‍त; युवा पीढ़ी में मनीषा कुलश्रेष्ठ वेहद संभावनाशील रचनाकार हैं। राजस्‍‍थान के ठेठ चुरू इलाके से आई लेखिका का कथा में प्रवेश करने का ठंग यानि एप्रोच एकदम अलग है। इस एप्रोच के माध्‍यम से वे अपनी रचनाओं में [...]

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उत्तर प्रदेश के लोकआयुक्त के दामन पर भ्रष्टाचार के छींटे

Posted: 10 Aug 2012 10:27 AM PDT

एस0 ए0 अस्थाना     आँखों के अंधे और सत्ता के मोह में कानों से बहरे हो चुके धृतराष्ट्र की सभा थी ! सभा में द्रोणाचार्य भी थे, कृपाचार्य भी थे और हस्तिनापुर के सिंहासन से बंधे रहने का अभिमान रखने वाले पितामह भीष्म भी थे। भरी सभा में द्रोपदी का चीरहरण हो रहा था किन्तु, [...]

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मीडिया की गैर जिम्मेदाराना भूमिका

Posted: 10 Aug 2012 02:00 AM PDT

प्रदीप तिवारी देश सूखा, बेरोजगारी और मुद्रास्फीति में उलझा है। किसानों को उनके उत्पादों का पूरा मूल्य नहीं मिलता। आत्महत्याओं का सिलसिला जारी है। कहीं किसान आत्महत्यायें कर रहे हैं, कहीं बेरोजगारी से तंग नौजवान आत्महत्यायें कर रहे हैं और कहीं भूख से लोगों की जाने जा रही हैं तो कहीं लोग बिना इलाज के [...]

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कार्टून :- जन्‍माष्‍टमी

Posted: 10 Aug 2012 01:49 AM PDT

काजल कुमार    http://kajalkumar.tk

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विपरीत मिजाज़ की ख़बरें नहीं चलेंगी

Posted: 10 Aug 2012 01:44 AM PDT

दिलीप खान मीडिया के समाजशास्त्र और राजनीति पर जब बात होती है तो विश्लेषण का नज़रिया तीन स्पष्ट भागों में बंट जाता है। पहला नज़रिया मीडिया के काम-काज के मौजूदा तरीके को बेहतरीन करार देता है। तर्क देने वालों का मानना होता है कि मीडिया पर आग्रह-पूर्वाग्रह के जो आरोप लगाए जाते हैं वो लगभग [...]

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गांधी की नक़ल के चक्कर में अन्ना हजारे ने अपनी टीम को भंग किया था.

Posted: 10 Aug 2012 01:16 AM PDT

शेष नारायण सिंह  विख्यात अर्थशास्त्री  कौशिक बसु ने पिछले दिनों एक बहुत दिलचस्प बात कही . उन्होंने बताया कि हर आदमी भ्रष्टाचार के खिलाफ है , अन्ना हजारे भी भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं लेकिन  इसका मतलब यह नहीं हुआ कि हर आदमी जो भ्रष्टाचार के खिलाफ है वह अन्ना हजारे के  साथ है. लेकिन भ्रष्टाचार  [...]

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एक जनांदोलन के गर्भपात की त्रासदी

Posted: 09 Aug 2012 07:42 PM PDT

दयानंद पांडेय पब्लिसिटी तो पा गया यह आंदोलन पर ज़मीन नसीब नहीं हुई इसे चिंगारी जो शोला बन सकती थी, फ़ुस्स हो गई। अनुभवहीनता और जल्दबाज़ी में उस आंदोलन का गर्भपात हो गया। अन्ना आंदोलन का खड़ा होना एक बड़ी घटना थी। पर उस का इस तरह अचानक गर्भपात हो जाना उस से भी बडी [...]

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