Monday, February 18, 2013

Hastakshep.com पर आज के ताज़ा आलेख और समाचार

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बन्द करो सुरक्षा के नाम पर लूट

Posted: 18 Feb 2013 05:39 AM PST

सवाल है कि हेलीकॉप्टर 15000 किलोमीटर की ऊँचाई पर उड़े ऐसी जरूरत अटल बिहारी वाजपेयी जैसे गरीब ब्राह्मण के बच्चे को क्यों पड़ गयी? उस देश में जिसमें 20/- प्रतिदिन पर जिन्दा रहने वाले करोड़ों लोग हैं, नेताओं ने अपनी अय्याशी के लिए ज़ेड सिक्योरिटी की व्यवस्था कर ली है

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काटजू पर तोहमत लगाने वाली भाजपा क्या आईना भी देखेगी?

Posted: 18 Feb 2013 04:56 AM PST

देवेन्द्र सुरजन सिर्फ चेतावनी देने की अधिकारी भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) से बेहतर परम्पराएँ आंग्ल दैनिक ‘द हिन्दू’ की हैं। जस्टिस मार्कण्डेय काटजू का लेख उसने प्रकाशित किया तो उसकी गुणवत्ता परखी ही होगी। श्री काटजू का कहना है कि उन्होंने जो भी लिखा तथ्यों पर आधारित है। विकास के साथ अन्य क्षेत्रों में गुजरात [...]

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नरीमन ने काटजू के लेख को बताया उत्कृष्ट

Posted: 17 Feb 2013 10:18 PM PST

नई दिल्ली। भारतीय प्रेस परिषद् के चेयरमैन जस्टिस मार्कण्डेय काटजू के अंगेजी अखबार द हिन्दू में छपे जिस लेख पर भारतीय जनता पार्टी आग-बबूला है और अरुण जेटली जस्टिस काटजू का इस्तीफा माँग रहे हैं, उसी लेख को देश के जाने – माने विधिवेत्ता फाली एस. नरीमन ने एक उत्कृष्ट लेख बताया है। सर्वोच्च न्यायालय [...]

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रेल मन्त्रालय की मनमानी के चलते होती हैं रेल दुर्घटनायें

Posted: 17 Feb 2013 09:12 PM PST

पं. जवाहर लाल नेहरू की सरकार ने रेलवे सुरक्षा का जो भरोसेमन्द ताम-झाम तैयार किया था, उस रेलवे सुरक्षा आयुक्त के संगठन को कुछ रेलवे अधिकारियों ने दो एक्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करके छीन लिया और संसद् को बहुत दिन तक इस हेराफेरी का पता भी नहीं चला।

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बाबा साहब का रास्ता और बामसेफ का विचलन

Posted: 17 Feb 2013 09:34 AM PST

बहिष्कारवादी भाषा फंडिंग के लिये बहुत उपयुक्त है क्योंकि लोगों को दुश्मन जाति पहचान के आधार पर बहुत साफ़-साफ़ नज़र आते हैं और वे अपना सब कुछ दांव पर लगाकर अन्धे-मूक-बहरे अनुयायी यानी मानसिक गुलाम बन जाते हैं, इस सेना से और जो कुछ हो, मुक्त बाजार की वैश्विक व्यवस्था जो महज ब्राह्मणवाद ही नहीं, एक मुकममल अर्थव्यवस्था है, के खिलाफ प्रतिरोध हो नहीं सकता। 

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ज़मीनी नेताओं को किनारे लगाने का भाजपा में भी बढ़ रहा है प्रचलन ?

Posted: 17 Feb 2013 07:55 AM PST

अपने हठ के लिए जनरल ने उन्हीं कोश्यारी को धोखा दिया जिनकी मदद से वो अपने नए मित्र निशंक को भ्रष्टाचारी बता कर मुख्यमंत्री पद से हटा ख़ुद मुख्यमंत्री बनने में सफल हुए थे।

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