Sunday, June 23, 2013

Hastakshep.com पर आज के ताज़ा आलेख और समाचार

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Open letter to editors and friends in media by Palash Biswas!

Posted: 23 Jun 2013 05:57 AM PDT

Palash Biswas Friends, I am a working journalist based in Kolkata. Unfortunately, I could not prove myself that professional as most of you happen to be. I became a journalist just because of my environment activism since seventies. Based in Nainital, I had to write about the plight of the Himalayan people, their plight, sufferings [...]

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ये कैसा सपना हमने आसपास बुन लिया है

Posted: 23 Jun 2013 05:05 AM PDT

सारंग उपाध्‍याय यह विकास के सपनों का आखिरी छोर नहीं है। भयावहता मेधा और बहुगुणा जैसों की कल्पनाओं में इससे भी व्यापक थी। इतनी विकराल और इतनी भीषण कि इसके लिये उनके भीतर की हलचल इसी प्रकृति का पूर्व संकेत थी। बाँधों की ऊँचाइयाँ देखकर और पहाड़ों के बीच धरती का सीना चीरकर सुरंगे बनाते [...]

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उत्तराखण्ड – कॉरपोरेट घरानों का खेल जारी है तो प्रयास भी जारी हैं

Posted: 23 Jun 2013 12:41 AM PDT

रूस का आपात-नियन्त्रण मन्त्रालय बाढ़-पीड़ित भारत को तुरन्त सहायता पहुँचाने के लिये तत्पर है जबकि बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित उत्तराखण्ड में हजारों लोग अब भी फँसे हुये हैं। शनिवार हुयी बारिश ने राहत कार्यों में रुकावट पैदा की है। उधर खबर है कि हस्तक्षेप पर खबर प्रकाशित होने के बाद रुद्रप्रयाग के एसपी का [...]

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क्या लाशों के ढेर से ही देवताओं को और धरती पर उनके धन्धेबाज़ प्रतिनिधियों को तसल्ली मिला करती है ?

Posted: 23 Jun 2013 12:11 AM PDT

हवाई जहाज क्रैश होने से या पहाड़ों पर घूमने से मौत पर मीडिया में कोहराम मच जाता है तो भूख से मरने वालों, बिना इलाज के मरने वालों, कुपोषण से मरने वालों और बेरोजगारी या कर्ज से मरने वालों के लिये भी मीडिया, सम्भ्रान्त लोक तथा मलाईदार-बुर्जुआ वर्ग के दिलों में थोडा सा दर्द और थोड़ी सी सहानुभूति अवश्य होनी चाहिये।

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Justice Katju breaks his silence

Posted: 22 Jun 2013 11:04 PM PDT

Since I had decided not to write or say anything for quite some time, at first I was thinking of not replying to this deliberate, malicious falsification of my views about the media (which are available on my blog justicekatju.blogspot.in). It was only after several days of deliberation that I reluctantly decided to respond, though not by getting some article published in a newspaper but only on Facebook and my blog. -Justice Katju

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फर्जी तरक्की के सपने हैं उत्तराखण्ड की मौजूदा मुसीबत के पीछे

Posted: 22 Jun 2013 10:07 PM PDT

हज़ारों वर्षों से बारिश भी तेज होती रही है और बाढ़ भी आती रही है लेकिन इस तरह की तबाही नहीं आती थी। जवाब यह है कि अब हिमालय को निजी और पूँजीपति वर्ग के स्वार्थों के कारण इतना कमज़ोर कर दिया गया है कि वह बारिश को संभाल नहीं पाता।

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अघोषित तौर पर लगातार आपातकाल की चपेट में है भारतीय लोकतंत्र

Posted: 22 Jun 2013 08:45 PM PDT

26 जून 2013 को देश पर काँग्रेस द्वारा आपातकाल थोपने की 38वीं बरसी है। बुद्धिजीवियों, विपक्षी नेताओं समेत तमाम आम लोगों को जेल में ठूँसने के जरिये इंदिरा सरकार ने विरोध के हर स्‍वर को कुचल देने की कोशिश की थी। आपातकाल के बाद के पहले आम चुनाव में आजादी के बाद पहली बार काँग्रेस [...]

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यूपी के एडीजी कानून व्यवस्था अरूण कुमार और अभिनव भारत के बीच सम्बंधों की जाँच हो – रिहाई मंच

Posted: 22 Jun 2013 08:36 AM PDT

दंगों की जाँच के नाम पर मुसलमानों को गुमराह कर रही है सपा सरकार- रिहाई मंच आज क्रमिक उपवास पर मौलाना वकारुर अहमद और हरेराम मिश्र बैठे बत्तीसवें दिन भी विधान सभा लखनऊ पर जारी रहा खालिद मुजाहिद के हत्यारे पुलिस व आईबी अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिये रिहाई मंच का अनिश्चितकालीन धरना लखनऊ, 22 [...]

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एफवाईयूपी विरोध की आग मोहल्लों में पहुंची

Posted: 22 Jun 2013 08:10 AM PDT

यह अकारण नहीं है कि संसदीय निर्णय के बिना एक वाइसचांसलर ने उच्च शिक्षा की राष्ट्रीय नीति का खुला उल्लंघन किया है और देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री चुप बैठे हैं।

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