Sunday, July 7, 2013

श्री आर० एम० श्रीवास्तव को प्रमुख सचिव गृह के पद से तत्काल हटाकर उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही भी करने की मांग

आज दिनांक 06-07-13 को समाजसेवी संगठन येश्वर्याज सेवा संस्थान के
राजाजीपुरम कार्यालय पर संपन्न बैठक में उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव
गृह श्री आर० एम० श्रीवास्तव द्वारा भारत के नागरिकों के संवैधानिक
अधिकारों का हनन करने कृत्य की कड़ी भर्त्सना की गयी l बैठक में निर्णय
लिया गया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और मुख्यसचिव को संस्था की ओर से
ज्ञापन भेजकर उनसे प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेकर श्री आर० एम०
श्रीवास्तव को प्रमुख सचिव गृह के पद से तत्काल हटाकर श्री आर० एम०
श्रीवास्तव के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही भी करने के सम्बन्ध
में आग्रह किया जाए l संस्था की ओर से निम्नलिखित ज्ञापन प्रेषित किया
गया है :-



urvashi sharma
<rtimahilamanchup@gmail.com>
Sat, Jul 6, 2013 at 5:03 PM
To: cmup <cmup@nic.in>, cmup <cmup@up.nic.in>, csup <csup@up.nic.in>
Cc: presidentofindia@rb.nic.in, "Hon'ble Prime Miister of India Dr.
Man Mohan Singh" <pmosb@pmo.nic.in>, hgovup <hgovup@nic.in>, hgovup
<hgovup@up.nic.in>
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ई-मेल द्वारा प्रेषित :

सेवा में,
1- मुख्य मंत्री -उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "cmup" <cmup@nic.in>, "cmup" <cmup@up.nic.in>,
2- मुख्य सचिव-उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "csup" <csup@up.nic.in>,


विषय : उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह श्री आर० एम० श्रीवास्तव
द्वारा "भारत के नागरिक के संवैधानिक
अधिकारों का हनन करने" के प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेकर श्री आर० एम०
श्रीवास्तव को प्रमुख सचिव गृह के पद से तत्काल हटाकर श्री आर० एम०
श्रीवास्तव के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही भी करने के सम्बन्ध
में ज्ञापन
महोदय,
कृपया उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह श्री आर० एम० श्रीवास्तव द्वारा
"भारत के नागरिक को भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का हनन करने"
के प्रकरण से सम्बंधित वेबलिंक्स पर उपलब्ध निम्नलिखित समाचारों का
संज्ञान लेने का कष्ट करें l
http://www.aajkikhabar.com/hindi/News/pramukh-samachar/nutan-thakur-amitabh-thakur/160112.html
http://www.kharinews.com/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF/item/273-2013-07-06-00-44-42
http://hindi.oneindia.in/news/2013/07/06/uttar-pradesh-what-will-happen-if-you-write-letter-to-up-government-252229.html
http://avadhkiaawaz.com/news_detail.php?id=5716
http://www.business-standard.com/article/news-ians/up-official-issues-gag-order-on-activist-113070500741_1.html
http://www.dailypioneer.com/state-editions/lucknow/principal-secy-home-lands-in-controversy.html
http://www.aajkikhabar.com/en/News/Top-News/IAS-officer-s-bizzare-order-to-citizen-Don-t-correspond/729248.html
http://www.thehindu.com/todays-paper/up-official-calls-rti-activist-depressed/article4887150.ece


मुझे समाचार पत्रों से ज्ञात हुआ है कि सुश्री नूतन ठाकुर ने अपने आईपीएस
पति के सन्दर्भों का हवाला देते हुए मुख्य सचिव को दो पत्र भेजे थे जिनमे
शासन स्तर पर आईपीएस अधिकारियों के विभागीय जांच और पदोन्नति में कतिपय
गड़बडि़यों की जांच कराने की बात कही थी। इसी सम्बन्ध में श्री आर0 एम0
श्रीवास्तव ने सुश्री नूतन ठाकुर को अवसादग्रस्त बताते हुए शासन से
पत्राचार की मनाही की बात कही है ।
हमारे देश में ऐसा कोई भी नियम-क़ानून नहीं है जिसके तहत कोई लोकसेवक
भारत के किसी नागरिक को सरकार से पत्राचार करने से रोक सके फिर भी उत्तर
प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह श्री आर एम श्रीवास्तव ने एक नोटशीट में एक
नागरिक को डीजीपी के माध्यम से भविष्य में शासन से पत्राचार नहीं करने का
परामर्श देने संबंधी अभिमत देकर भारत के नागरिक के संवैधानिक अधिकारों
का हनन किया है l उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह श्री आर0 एम0
श्रीवास्तव का यह कृत्य भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) का
उल्लंघनकारी भी है l
श्री आर0 एम0 श्रीवास्तव अति विशिष्ट मानी जाने बाली भारतीय प्रसाशनिक
सेवा के वरिष्ट अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह जैसे
संवेदनशील और महत्वपूर्ण पद पर आसीन हैं अतः यह तो सर्वग्राह्य तथ्य है
कि श्री आर0 एम0 श्रीवास्तव को भारत के संविधान या अन्य प्रचलित नियमों
की जानकारी तो होनी ही चाहिए l
महोदय सहमत होंगे कि भारतीय प्रसाशनिक सेवा के लोकसेवकों को जनता के
पैसों से मोटे-मोटे वेतन,भत्ते एवं अन्य सुविधाएं मात्र इसलिए दी जाती
हैं कि वे एकाग्रचित्त होकर नियमसंगत निर्णय लें न कि इसलिए कि वे श्री
आर0 एम0 श्रीवास्तव के वर्णित निर्णय की भांति असंवैधानिक निर्णय लें l
श्री आर0 एम0 श्रीवास्तव के वर्णित नोट से यह स्पस्ट है कि या तो श्री
आर0 एम0 श्रीवास्तव सुश्री नूतन ठाकुर के प्रति पूर्वाग्रही हैं अथवा वे
नियमानुसार निर्णय लेने की मानसिक स्थिति में कतई भी नहीं हैं l
प्रमुख सचिव गृह के पद पर एक पूर्वाग्रही अथवा मानसिक रूप से अक्षम हो
चुके लोकसेवक का कार्य करना प्रदेश के लिए घातक सिद्ध होगा एवं इसका
प्रत्यक्ष प्रभाव प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी पडेगा अतः महोदय से
अपेक्षा है कि व्यापक जनहित और समाजहित में श्री आर० एम० श्रीवास्तव को
प्रमुख सचिव गृह के पद से तत्काल हटाकर श्री आर० एम० श्रीवास्तव के
विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही भी करने की संस्था की मांग पर
तत्काल कार्यवाही करना सुनिश्चित करेंगे l



सादर l

दिनांक : 06-07-13

प्रतिलिपि :
1- महामहिम राष्ट्रपति,भारत सरकार l <presidentofindia@rb.nic.in>
2- श्री प्रधानमंत्री,भारत सरकार l "Hon'ble Prime Miister of India Dr.
Man Mohan Singh" <pmosb@pmo.nic.in>,
3- महामहिम श्री राज्यपाल -उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "hgovup" <hgovup@nic.in>, "hgovup" <hgovup@up.nic.in>,




भवदीया

उर्वशी शर्मा
सचिव - येश्वर्याज सेवा संस्थान
सामाजिक कार्यकत्री एवं आरo टीo आईo एक्टिविस्ट
F-2286, राजाजीपुरम,लखनऊ- 226017
मोबाइल :9369613513 ई-मेल rtimahilamanchup@gmail.com

--
- Urvashi Sharma
Contact 9369613513
Right to Information Helpline 8081898081
Helpline Against Corruption 9455553838
http://yaishwaryaj-seva-sansthan.hpage.co.in/

http://upcpri.blogspot.in/

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