Saturday, December 20, 2014

अल्लाह मियाँ के नाम खुला खत

 

अल्लाह मियाँ के नाम खुला खत

 

श्रीमान अल्लाह मियाँ,

अस्सलाम अलैकुम!

 

आशा करता हूँ आप वहाँ सही सलामत होंगे और इस कपकपाने वाली सर्दी में रजाई ओढ़कर गरम-गरम 'मटन सिक कबाब' टमाटर की चटनी के साथ बड़े मजे से खा रहे होंगे.

 

आगे समाचार आपको यह मालूम करना है कि परसों यानि कि १६ दिसंबर मंगलवार को कुछ अमंगल घटना हो गयी. आपके ही पांचो वक्ती नवाजियों ने 'जन्नत' पाने की चाहत में पेशावर इलाके के स्कूल के कुल १३२ मासूमों को हलाक कर दिए और कुल ११२ लोगों को घायल कर दिया है. सुनने में आया की हलाक होने वाले और घायल होने वाले सबके सब आपके पांचो वक्ती नवाजी थे.

 

आप जहां कहीं भी है फ़ौरन इस इलाके में पहुँचने का कष्ट करें. जबसे अमेरिकी ड्रोन हमले शुरू हुए है आप एकबार भी इस इलाके में नजर नहीं आये. सीरिया में भी दो लाख लोगों के हलाक होने के बारे में मैंने आपको तार भेजा था किन्तु; तो उस तार का कोई जवाब दिया और ही देखने सुनने आये. इराक में भी तरह लाख लोगों के हलाक होने की खबर भिजवाया. लीबिया, फलस्तीन के बारे में तो खुद आपसे फोन पर बातचीत हुई थी. भारत के अहमदाबाद और मुजफ्फरनगर के बारे में आपको ईमेल भेजा और स्काइप पर फेस टु फेस बात भी हुई. आपने आश्वासन भी दिया था की मोदी को उसकी सजा जरूर मिलेगी. पर सजा मिलना तो दूर उलटे उसको आपने गद्दी पर ही बिठा दिया.  अब यह कह रहा है कि हमारी सरकार धर्मनिरपेक्ष संविधान को उलट-पुलट कर "हिन्दू-राष्ट्र" बनाएंगे.  हालांकि, 'हिन्दू-राष्ट्र 'भी लोगों को कबूल हो सकता है. बशर्ते कि...

 

. तीन फीसदी दकियानूसी विदेशी युरेशियन 'आर्य-ब्राह्मण' को आप धकिया कर उसे उसके मूल स्थान 'यूरेशिया' के बाल्टिक (काला सागर) में पहुंचा दें.और

 

. दलितों-आदिवासियों की भावनाओं को देखते हुए 'पांच लाख चौहत्तर हजार मंदिरों में जमा पचपन लाख करोड़ की सम्पत्ति' को उसी मंदिरों-मठों में हस्पताल, स्कूल-कॉलेज और सुलभ शौचालय बनबाने के लिए महात्मा/ संत मोदी को आदेश दें तो...?

 

खैर, मैंने आपको पेशावर के बारे बताना था सो बता दिया...आगे आपकी मर्जी. सूना है, आपने दो कटटर कटटर नवाजियों (आतंकवादियों) को फांसी दिलवा दी. सात कटटर नवाजियों (आतंकवादियों) को फांसी पर चढाने के लिए पाकिस्तानी राष्ट्रपति को हस्ताक्षर करने का हुक्म दे दिए. सौ कटटर नवाजियों (आतंकवादियों) को इसी सफ्ताह फांसी देने के लिए पाकिस्तानी राष्ट्रपति के पास जरूरी कागजात भिजवा दिया. सूना है, आठ हजार कटटर नवाजी अभी और फांसी चढ़ाये जाने की कतार में इन्तजार खड़े है. जब सबको फांसी चढ़ाकर जन्नत भेजनी ही है तो क्यों एक ही बार में उनसबों को फांसी चढ़ाकर जन्नत बुला लेते?

 

हालांकि, कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि 'धर्म की बुनियाद पर गठित पाकिस्तान 'घरेलू आतंकवाद' के चलते युद्धरत है जहां कम से कम पचास हजार से भी ज्यादा लोगों को अब तक कुर्बान होना पड़ा है और आप चुपचाप खड़े-खड़े या बैठकर तमाशा देखते रहे. पाकिस्तान में हर साल तकरीबन दस हजार से भी ज्यादा औरतों की ऑनर किलिंग होती रही...छोटी आबादी के बाबजूद; तीन से पंद्रह साल तक के तकरीबन बारह लाख बेघर बच्चे ('स्ट्रीट चाइल्ड') कूड़ा-कचड़ा चुनकर किसी तरह जीवित है. फिर भी आप उनके लिए कुछ भी उपाय नहीं करते... ये सब तो आपको सूझता और ही पाकिस्तानी हुक्मरान या धार्मिक उन्मादियों को दिखता है. उलटे पाकिस्तान अपने कुल राष्ट्रीय बजट का साठ फीसदी हिस्सा कथित रक्षा क्षेत्र पर खर्च कर भारत से होड़ करने में लगा हुआ है.


हालांकि, भारत में भी कुछ उल्लू के पट्ठे मौजूद है जो इन दिनों पाकिस्तान के नक़्शे कदम पर चलने को बेताब दिखता है. वो तो संसद में कामरेड सीताराम येचुरी है जिससे उन पट्ठों की दाल ही नहीं गल रही है. 

 

खुदा हाफिज!

 

आपका नवाजी

ऐनुल हक़

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