Tuesday, July 7, 2015

क्या आतंकवादी का धर्म नहीं होता?

क्या आतंकवादी का धर्म नहीं होता?

On Saturday, June 20, 2015 4:01 PM, Dinesh Tyagi <dineshtyagi.dt@gmail.com> wrote:

Question: Does religion teach heat rage 

Answer is: yes read Quran sura 9: 5

It state that killing of other religion people is legal and sura 9: 24 where they says that people who don't believe in Islam they are bad.

Question:  do every Muslim is terrorist

Answer is: yes Quran in comment for every Muslim now read chapter 2 verse 216 read

Question: Does any religion believe in terrorist

Answer is yes: chapter 8 verse 12 where allha himself believe terrorism

If you want more information than make a call to me at 9891979191

2015-06-19 19:40 AyodhyaPrasad Tripathi <aryavrt39@gmail.com>:

 

Tarek Fatah's SLAPS PAKISTAN & SHOWER of PRAISE to INDIA

 Check out this video on YouTube:

 http://youtu.be/vIZQbI_JYvg

 

Modern Slavery - Saudi Detention Centre

From: Jas Uppal <jesbir37@btinternet.com>
Date: 4 July 2015
http://www.nyaya.org.uk/index.php/featured/105-modern-slavery-saudi-detention-centre

क्या आतंकवादी का धर्म नहीं होता?

आप लोगों को इसका उत्तर नीचे की लिंक पर मिल जायेगा;

www.aryavrt.com/fatwa

हमारी कमजोरी कहाँ है? विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/al-taqiyya

पैगम्बरों के आदेश और अब्रह्मी संस्कृतियों के विश्वास के अनुसार दास विश्वासियों द्वारा अविश्वासियों को कत्ल कर देना ही अविश्वासियों पर दया करना और स्वर्ग, जहाँ विलासिता की सभी वस्तुएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, प्राप्ति का पक्का उपाय है.

           सत्ता के हस्तानान्तरण की पहली शर्त ही इस्लाम का दोहन है. इंडिया में ईसाइयों की संख्या नगण्य ही रही| इसी कारण वैदिक सनातन संस्कृति के अनुयायियों से ईसाई स्वयं नहीं लड़ सकते| इसलिए ईसाई अपने ही शत्रु मुसलमानों उनके इस्लाम का शोषण करके वैदिक सनातन संस्कृति के अनुयायियों को मिटा रहे हैं| हिंदू मरे या मुसलमान - अंततः ईसा का शत्रु मारा जा रहा है|

इसीलिए २०वीं सदी के मीरजाफर पाकपिता - राष्ट्रहंता बैरिस्टर मोहनदास करमचन्द गांधी का भयादोहन कर मुसलमानों को इंडिया में रखवाया गया है और भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९() का संकलन करा कर मुसलमानों का संरक्षण, पोषण संवर्धन किया जा रहा है|

क्या ईसाई मुसलमान जानते हैं कि एलिजाबेथ उनका का दोहन कर रही है? वे तभी तक जीवित हैं जब तक वैदिक सनातन संस्कृति जीवित है|

जिस दिन वैदिक सनातन संस्कृति मिटी, तुर्की के खलीफा, सद्दाम के ईराक और अफगानिस्तान के भांति इस्लाम मिट जायेगा और अल्लाह कुछ नहीं कर पायेगा| लड़ाई यहीं समाप्त नहीं होगी| तब मानवजाति को मिटाने के लिए कथोलिक और प्रोटेस्टेन्ट आदि के बीच युद्ध होगा| हिम्मत हो तो वे उपनिवेश से मुक्ति हेतु आर्यावर्त सरकार का सहयोग करें|

        वस्तुतः इंडिया को मिटा कर मुसलमान अपना ही अहित करेंगे| उनका हज अनुदान, मुअज्जिनों, इमामों मौलवियों का वेतन बंद हो जायेगा| स्कूलों के उर्दू शिक्षकों का पद समाप्त हो जायेगा. मकतबों का अनुदान समाप्त हो जायेगा. उनका वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और मुस्लिम निजी कानून भी बेमानी हो जायेगा| उनको फिरभी एलिजाबेथ के उपनिवेश से मुक्ति नहीं मिलेगी| जब मुसलमानों की कवच वैदिक सनातन संस्कृति मिट जायेगी तब ईसाई मुसलमान भी मिटा दिए जायेंगे. अल्लाह मिलेगा और विशाले सनम| बेचारे मुसलमान (कुरान :३५).

         येहोवा और अल्लाह मूसा और मुहम्मद की छलरचनायें हैं| इनका अस्तित्व नहीं है. येहोवा और अल्लाह कीं रचना मनुष्य को खतना अथवा यौनाचार की छूट द्वारा वीर्यहीन कर दास बनाने के लिए की गई है. जहाँ वैदिक सनातन संस्कृति के गुरुकुलों में निःशुल्क वीर्यरक्षा की शिक्षा दी जाती है, वहीं मैकाले के स्कूल महंगी यौनशिक्षा देते हैं और मकतब कत्ल करने और नारी बलात्कार की| जीवन, धन और सुख की मृग मरीचिका में मनुष्य विरोध नहीं करते. मनुष्य की मुक्ति का मार्ग, गुरुकुलों का पुनर्जीवन है|

        अब्रह्मी संस्कृतियों और शासकों की मानसिकता वर्चस्व स्थापित करने की है, जिसकी पूर्ति वे मानवमात्र को वीर्यहीन कर कर रही हैं| क्योंकि दास बनाने का सर्वोत्तम मार्ग है, वीर्यहीन करना|

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी (सूचना सचिव), आर्यावर्त सरकार,, ७७ खेड़ा खुर्द, दिल्लीः ११० ०८२.                                                              चल दूरभाष: (+९१) ९८६८३२४०२५/९१५२५७९०४१,

           "मस्जिद से ही इस्लामी सिद्धांत को स्पष्ट करते हुए पाकिस्तानी मौलिक धर्मतंत्री सैयद अबुल आला मौदूदी ने घोषित किया है कि इस्लाम विश्व की पूरी धरती चाहता है उसका कोई भूभाग नहीं, बल्कि पूरा ग्रह इसलिए नहीं कि ग्रह पर इस्लाम की सार्वभौमिकता के लिए तमाम देशों को आक्रमण कर छीन लिया जाये बल्कि इसलिए कि मानव जाति को इस्लाम से, जो कि मानव मात्र के सुख-समृद्धि(?) का कार्यक्रम है, लाभ हो|

"मौदूदी जोर दे कर कहता है कि यद्यपि गैर-मुसलमान झूठे मानव निर्मित मजहबों को मानने के लिए स्वतन्त्र हैं, तथापि उनके पास अल्लाह के धरती के किसी भाग पर अपनी मनुष्य निर्मित गलत धारणा की हुकूमत चलाने का कोई अधिकार नहीं| यदि वे (काफ़िर) ऐसा करते हैं, तो मुसलमानों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे अविश्वासियों की राजनैतिक शक्ति छीन लें और उनको (अविश्वासियों को) इस्लामी तौर तरीके से जीने के लिए विवश करें|"

उपरोक्त उद्धरण पढ़ने के बाद एक बात तो स्पष्ट हो जाती है कि इस्लाम के रहते आप (शेरजी) को अपने वैदिक सनातन संस्कृति के बचने की आशा नहीं करनी चाहिए.

कुरान के अनुसार अल्लाह उसके इस्लाम ने मानव जाति को दो हिस्सों मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है| धरती को भी दो हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है| (कुरान :३९). काफ़िर को कत्ल करना दार उल हर्ब धरती को दार उल इस्लाम में बदलना मुसलमानों का जिहाद यानी काफिरों की हत्या करने का असीमित संवैधानिक मौलिक मजहबी अधिकार है| (भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९()). 

उपरोक्त हठधर्मिता के अनुसार तो मोमिन के अतिरिक्त मनुष्य को जीवित रहने का अधिकार ही नहीं है!

Even to all Muslims it is advised that they should read Quran with TUTOR WHO HAS THROUGH KNOWLEDGE OF PERIOD WHEN QURAN WAS REVEALED AND PROPER  understanding of AHADITHS. so RAW PERSON CAN NOT UNDERSTAND IF HE READS ALONE AND HAVE NO KNOWLEDGE OF SITUATION WHEN QURAN WAS REVEALED.

Now I give u the brief of Surah 9:3, 9:4, 9:5 Read all together gives full meaning of situation in which this verses were revealed. It says that at that time there was a TREETY BETWEEN BELIEVERS OF GOD N NON BELIEVERS OF GOD , IT WAS DIRECTED THAT IF THEY ARE ADHERED TO THE TREETY THAN DO NOT TOUCH THEM AND IF THEY DO VIOLATE THE TREETY THAN AFTER FOURS PASSES DO KILL THEM. THIS IS WAR LIKE SITUATION AND ANY ONE WHO DO NOT ADHERED TO TREETY SIGNED THEY ARE SUPPOSED TO KILL.

SO WHAT HAPPENS AT THE UNITED NATION THEY PASS ONE RESOLUTION AND THEY START KILLING WHY THAN THIS OBJECTION NOT BEING RAISED?

२०वीं सदी के मीरजाफर पाकपिता - राष्ट्रहंता बैरिस्टर मोहनदास करमचन्द गांधी ने इंडिया में ईसाइयत और इस्लाम को मानवजाति को अधीन कर निर्दयतापूर्वक लूटने और नरसंहार के लिए रखा है. जब कि इन संस्कृतियों को धरती पर रहने का अधिकार ही नहीं है|

इमाम अज़ान, नमाज़ और खुत्बों द्वारा प्रतिदिन आप व विश्व के सर्वशक्तिमान राष्ट्रपति ओबामा सहित सभी काफिरों के ईष्टदेवों की ईशनिंदा काफिरों के हत्या कीनारियों के बलात्कार की, लूट की और उपासना स्थलों के विध्वंस की, प्रतिदिन ५ समय, निर्विरोध चेतावनी देते रहते हैं| फिरभी राष्ट्रपति ओबामा सहित सभी शासकों ने भय वश नहीं, बल्कि मानवमात्र को दास बनाने के रणनीति के अंतर्गत, अपना जीवन, धन, नारियां और सम्मान इस्लाम के चरणों में डाल रखा है और दया की भीख मांगने को विवश हैं| यह भी जान लीजिए, कि उपरोक्त सच्चाई लिखने की भी किसी में शक्ति नहीं है| क्यों कि अब्रह्मी संस्कृतियों का कोई आलोचक जीवित नहीं छोड़ा जाता. चाहे वह गैलेलियो हों, आसमा बिन्त मरवान हों, या अम्बेडकर या शल्मान रुश्दी हों, या तसलीमा नसरीन या जगतगुरु अमृतानंद देवतीर्थ या साध्वी प्रज्ञा हों अथवा मैं| विशेष नीचे लिंक पर:-

http://society-politics.blurtit.com/23976/how-did-galileo-die-

http://www.aryavrt.com/asma-bint-marwan

http://www.aryavrt.com/asama-binta-maravana

इसलिए धरती पर अज़ान होना और मस्जिद रहना काफिरों के गले पर रखी हुई तलवार है| उपनिवेशवासियों को उपरोक्त सच्चाईयां बताने के कारण साध्वी प्रज्ञा अपने अन्य ८ सहयोगियों के साथ सन २००८ से बिना किसी आरोप के बंद हैं| उनकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई है| वे बारम्बार नार्को टेस्ट और जहरीली दवाएं खिलाये जाने के कारण अब कैंसर से भी पीड़ित हैं|

All above instructions were given at that time in particular situation and it is open to anyone to do whatever just does it. No it is not how Islam works.

I regret to inform u that without going through text by yourselves you are believing in it and forwarding to others as well. Similarly it is in the case of 2: 216 , if you read 2: 215 and 216

Together it will give you better understanding of the meaning of verses revealed , in 215 it states that if u spend your money on your father, mother, close relatives, orphans , handicaps , you will find difficult for you to spend money but God knows better than you that what is better for you.! In continuation of 215 , in 216 it states that you will required to fight for righteousness as per gods will,  all those explains above are righteousness cause to spend money towards righteous cause is also treated as fight in way of God.

I do not see what is wrong with that?

When you read Quran in proper context only than you will understand but if you try to find the fault into anything you can always finds something, this is why God says that non believers will be guided only at the god's will.

I hope that above clarification will help u to understand under lying facts.

अब मैं उन सन्दर्भों की चर्चा करूँगा, जिनके कारण मुसलमान इंडिया में क्यों रोके गए?

पैगम्बरों के आदेश और अब्रह्मी संस्कृतियों के विश्वास के अनुसार दास विश्वासियों द्वारा अविश्वासियों को कत्ल कर देना ही अविश्वासियों पर दया करना और स्वर्ग, जहाँ विलासिता की सभी वस्तुएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, प्राप्ति का पक्का उपाय है.

सत्ता के हस्तानान्तरण की पहली शर्त ही इस्लाम का दोहन है. इंडिया में ईसाइयों की संख्या नगण्य ही रही| इसी कारण वैदिक सनातन संस्कृति के अनुयायियों से ईसाई स्वयं नहीं लड़ सकते| इसलिए ईसाई अपने ही शत्रु मुसलमानों उनके इस्लाम का शोषण करके वैदिक सनातन संस्कृति के अनुयायियों को मिटा रहे हैं| हिंदू मरे या मुसलमान - अंततः ईसा का शत्रु मारा जा रहा है|

इसीलिए २०वीं सदी के मीरजाफर पाकपिता - राष्ट्रहंता बैरिस्टर मोहनदास करमचन्द गांधी का भयादोहन कर मुसलमानों को इंडिया में रखवाया गया है और भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९() का संकलन करा कर मुसलमानों का संरक्षण, पोषण संवर्धन किया जा रहा है|

क्या ईसाई मुसलमान जानते हैं कि एलिजाबेथ उनका का दोहन कर रही है? वे तभी तक जीवित हैंजब तक वैदिक सनातन संस्कृति जीवित है|

जिस दिन वैदिक सनातन संस्कृति मिटी, तुर्की के खलीफा, ईराक के सद्दाम और अफगानिस्तान के भांति इस्लाम मिट जायेगा और अल्लाह कुछ नहीं कर पायेगा| लड़ाई यहीं समाप्त नहीं होगी| तब मानवजाति को मिटाने के लिए कथोलिक और प्रोटेस्टेन्ट आदि के बीच युद्ध होगा| हिम्मत हो तो वे उपनिवेश से मुक्ति हेतु आर्यावर्त सरकार का सहयोग करें|

वस्तुतः वैदिक सनातन संस्कृति को मिटा कर मुसलमान अपना ही अहित करेंगे| उनका हज अनुदान, मुअज्जिनों, इमामों मौलवियों का वेतन बंद हो जायेगा| स्कूलों के उर्दू शिक्षकों का पद समाप्त हो जायेगा. मकतबों का अनुदान समाप्त हो जायेगा. उनका वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और मुस्लिम निजी कानून भी बेमानी हो जायेगा| उनको फिरभी एलिजाबेथ के उपनिवेश से मुक्ति नहीं मिलेगी| जब मुसलमानों की कवच वैदिक सनातन संस्कृति मिट जायेगीतब ईसाई मुसलमान भी मिटा दिए जायेंगे. अल्लाह मिलेगा और विशाले सनम| बेचारे मूर्ख मुसलमान (कुरान :३५).

येहोवा और अल्लाह मूसा और मुहम्मद की छलरचनायें हैं| इनका अस्तित्व नहीं है. येहोवा और अल्लाह कीं रचना मनुष्य को खतना अथवा यौनाचार की छूट द्वारा वीर्यहीन कर दास बनाने के लिए की गई है. जहाँ वैदिक सनातन संस्कृति के गुरुकुलों में निःशुल्क वीर्यरक्षा की शिक्षा दी जाती है, वहीं मैकाले के स्कूल महंगी यौनशिक्षा देते हैं और मकतब कत्ल करने और नारी बलात्कार की| जीवन, धन और सुख की मृग मरीचिका में मनुष्य विरोध नहीं करते. मनुष्य की मुक्ति का मार्ग, गुरुकुलों का पुनर्जीवन है|

अब्रह्मी संस्कृतियों और शासकों की मानसिकता वर्चस्व स्थापित करने की है, जिसकी पूर्ति वे मानवमात्र को वीर्यहीन कर कर रही हैं| क्योंकि दास बनाने का सर्वोत्तम मार्ग है, वीर्यहीन करना|

एक ओर पैगम्बरों के आदेश और अब्रह्मी संस्कृतियों के विश्वास के अनुसार दास विश्वासियों द्वारा अविश्वासियों को कत्ल कर देना ही अविश्वासियों पर दया करना और स्वर्ग, जहाँ विलासिता की सभी वस्तुएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, प्राप्ति का पक्का उपाय है और दूसरी ओर वैदिक सनातन धर्म जो किसी भी अन्य धर्म के लिए कोई निहित शत्रुता के बिना एक ऐसी संस्कृति है. जो केवल वसुधैव कुटुम्बकम के बारे में बात करती है. इसके आचार, मूल्य और नैतिकता सांप्रदायिक नहीं - सार्वभौमिक हैं| वे पूरी मानव जाति के लिए हर समय लागू हैं| इसका दर्शन मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, म्यांमार, जापान, चीन, अफगानिस्तान और कोरिया में फैल गया था| एक बार अमेरिका में चीन के राजदूत ने कहा, "भारत एक भी सैनिक बाहर भेजे बिना तमाम देशों पर विजय प्राप्त करने वाला दुनिया में एकमात्र देश है"

केवल वे ही संस्कृतियां जीवित बचीं, जिन्होंने भारत में शरण लिया| इसीलिए परभक्षी अब्रह्मी संस्कृतियां वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाना चाहती हैं, ताकि सबको अपना दास बना कर निर्ममता पूर्वक लूटा जा सके|

जहां सनातनियों ने सभी देशों ओर मजहबों के पीडितों को शरण दिया, वहीं अंग्रेजों की कांग्रेस ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९() का संकलन कर जिन विश्व की सर्वाधिक आबादी ईसाइयत और दूसरी सर्वाधिक आबादी इस्लाम के लोगों को अल्पसंख्यक घोषित कर वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए इंडिया में रोका है, उन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति और मूल निवासियों को नष्ट कर दिया| लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, अब्रह्मी संस्कृतियां आज तक विफल नहीं हुईं|

मुझे दुःख है कि मुसलमानों के पास अपने शत्रु और मित्र की पहचान नहीं है. बलि के बकरे की भांति वे मैं-मैं करते अपना गला कटा रहे हैं. उनका समय गया.

वीर्यरक्षा द्वारा ही मनुष्य प्रकृति, अपनी इन्द्रियों और संसार पर नियन्त्रण कर सकता है. बिना युद्ध मनुष्य को अधीन करने का सबसे सरल उपाय है, उसे वीर्यहीन करना. विश्वामित्र के प्रचंड शक्ति को नियंत्रित करने के लिए इंद्र ने एक भी सैनिक नहीं भेजा, मात्र मेनका को भेज दिया.

यद्यपि बाइबल में खतना करने की स्पष्ट आज्ञा है, तथापि इस्लाम में खतना वीर्यहीन करने की विधि है| इस्लाम में, खतना एक सुन्नाह (रिवाज) है, जिसका कुरान में ज़िक्र नहीं किया गया है. मुख्य विचार यह है कि इसका पालन करना अनिवार्य नहीं है और यह इस्लाम में प्रवेश करने की शर्त भी नहीं है. फिर भी मुसलमान गाजे बाजे के साथ स्वेच्छा से खतना कराते हैं.

यह मुसलमानों के हित में है कि वे खतना का बहिष्कार करें. अपनी संतानों को गुरुकुलों में पढ़ा कर वीर्यवान ब्रह्म बनाएँ. अन्यथा मुसलमानों का अंत निश्चित है.

 Ethnic Cleansing of Hindus in Panchagram -- Clear Case for Imposition of Article 356

 Friday, July 03, 2015

सभी विद्वानों को मेरा नमस्ते!

पैगम्बरों के आदेश और अब्रह्मी संस्कृतियों के विश्वास के अनुसार दास विश्वासियों द्वारा अविश्वासियों को कत्ल कर देना ही अविश्वासियों पर दया करना और स्वर्ग, जहाँ विलासिता की सभी वस्तुएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, प्राप्ति का पक्का उपाय है.

२०वीं सदी के मीरजाफर पाकपिता - राष्ट्रहंता बैरिस्टर मोहनदास करमचन्द गांधी ने ईसाई व मुसलमान को गौ-नर हत्या का अधिकार देकर इंडिया को सौंप दिया. विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/gau-hatyara-gandhi

गांधी वध के बाद भारतीय संविधान का संकलन कर हम पर थोपा गया. जिसका अनुच्छेद २९(१) मानवजाति को लुप्त करने के लिए संकलित किया गया है. यह अनुच्छेद इस कठोर सच्चाई को सीधे नहीं कहता. अपितु इंडिया में रहने वाले अल्पसंख्यक वर्गों के संस्कृति भाषा व लिपि को बनाये रखने का असीमित मौलिक मजहबी अधिकार देता है. वे अल्पसंख्यक ईसाई व मुसलमान हैं, जो विश्व में प्रथम एंड द्वितीय जनसंख्या वाले लोग हैं. मानवमात्र की लूट, हत्या, धर्मान्तरण और नारी बलात्कार जिनकी संस्कृति है.

एलिजाबेथ के दास महामहिम केशरीनाथ त्रिपाठी जी ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद १५९ के अधीन अब्रह्मी संस्कृतियों के संरक्षण, पोषण व संवर्धन की शपथ ली है. उपनिवेशवासियों की रक्षा नहीं कर सकते. विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.legislation.gov.uk/ukpga/Geo6/10-11/30

हम मालेगांव के अभियुक्त उपनिवेश से मुक्ति के लिए लड़ रहे हैं. जिनको जीवित रहना हो, हमे सहायता दें –

भवदीय:-

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी (सूचना सचिव)

From: AyodhyaPrasad Tripathi,  ईमेल : aryavrt39@gmail.com; ब्लाग: http://aaryavrt.blogspot.com; गणक जाल: http://www.aryavrt.com, पढ़ें: http://www.aryavrt.com/

 

 

THE DIFFERENCE BETWEEN WORLD NO 1 COOLIE COLONY INDIA AND PROUD NATION GREAT BRITAIN

From: Amit Bhadhuri  - abhadhuri924@gmail.com;

Sent: Saturday, July 04, 2015

David Cameron, the PM of UK today 5/7/15 announced following the terrorist attacks on British tourists in Tunisia, that, a monument will be BUILT IMMEDIATELY in memory of all those Britishers died by terrorism in the past which may not be more than 100 worldwide.

           In India, over 100,000 Armed forces, CRPF, ITBP, BSF, J&K Police, Rashtriya Rifles  and Assam Rifles etc have been the victims of wars against PAKIS and CHINKIS (90 TO 95% OF THEM WERE FROM THE ARMY FOLLOWED BY CRPF) and victims of terrorism SINCE 1947 but STILL there is WAR MEMORIAL.  Before the 2014 election Modi BJP & Co shouting their hearts out, that, once in power then there will be a War Memorial now it looks that,  MODI & CO have sent for approvals to their dead ancestors. Is it ANOTHER U-TURN just like their promises of OROP?

           The casualties and injuries related to terrorism orchestrated by Pakis, Beggerdesh, Indian Musslamans and Naxals since 1966 (when Naxal movement first started followed by Paki backed terrorism since mid 1980s) must have caused more than possibly 100,000 casualties and serious injuries but has ANY INDIAN POLITICIAN or MEGA RICH BANIYA EVER THOUGHT OF A MEMORIAL FOR THE VICTIMS. THE SCOUNDREL POLITICIANS NOW WANT 100% RISE OF THEIR PAY AND PENSIONS IN SPITE OF BEING MOST PRIVILEGED WITH PAY AND OUTSTANDING PARKS THEY RECEIVE IN INDIA ON TOP OF THAT MANY OF THEM BUILD UP UNIMAGINABLE WEALTH THROUGH CORRUPT MEANS AS POLITICIANS.

67 years after partition and self-rule India is still coolie colony.

AMIT BHADHURI   

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