Sunday, July 29, 2018

यूपी की राजधानी में बंद हुआ एक और हॉस्पिटल : एक्टिविस्ट उर्वशी शर्मा की शिकायत पर सीएमओ ने बंद किया राजाजीपुरम क्षेत्र के साईं मेडिकल सेंटर का सञ्चालन l





लखनऊ/29 जुलाई 2018 .....................
भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ मुहिम चलाने वाली देश की नामचीन समाजसेविका उर्वशी शर्मा की शिकायत पर हुई जांच के बाद यूपी की राजधानी लखनऊ के मुख्य चिकित्साधिकारी की गाज जिला मुख्यालय के राजाजीपुरम क्षेत्र स्थित एक और प्राइवेट अस्पताल पर गिरी  है l लखनऊ के मुख्य चिकित्साधिकारी के कार्यालय में तैनात अपर मुख्य चिकित्साधिकारी और हॉस्पिटल्स का पंजीयन और नवीनीकरण का कार्य करने के नोडल अधिकारी ने बीती 27 जुलाई को लखनऊ के राजाजीपुरम के ऍफ़ ब्लाक स्थित साईं मेडिकल सेंटर के प्रबंधक और संचालक को पत्र लिखकर चिकित्सालय का सञ्चालन बंद करके हॉस्पिटल की  खामियां दूर करने के बाद ही चिकित्सालय में चिकित्सीय सेवाएं प्रदान करना शुरू करने का आदेश दिया है l कमियां दूर किये बिना हॉस्पिटल के  रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण नहीं करने की बात भी CMO ने अपने पत्र में लिखी है l सीएमओ ने अपने पत्र में कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कमियां दूर किये बिना ऍफ़ ब्लाक राजाजीपुरम का साईं मेडिकल सेंटर चलता पाया गया तो हॉस्पिटल के खिलाफ ऍफ़आईआर लिखाकर विधिक कार्यवाही भी की जायेगी l नोडल अधिकारी ने यह आदेश राजधानी की तेजतर्रार आरटीआई एक्टिविस्ट उर्वशी शर्मा  की शिकायत पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सईद अहमद एवं नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टूढियागंज की चिकित्साधीक्षिका डा. रागिनी रानी गुप्ता की टीम के द्वारा साईं मेडिकल सेंटर के स्थलीय परीक्षण के बाद दी गई रिपोर्ट के आधार पर दिया है l


एक्टिविस्ट उर्वशी शर्मा ने बताया कि डा. सईद और डा. रागिनी की टीम ने हॉस्पिटल में साफ सफाई व्यवस्था उचित नहीं  होने, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने और चिकित्सालय द्वारा बिना पंजीकरण नवीनीकरण के ही काम करने की 3 अति गंभीर  खामियां पाईं थीं l  डॉक्टरों  की टीम ने एकमत से इन  खामियों के निस्तारण तक हॉस्पिटल के पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं करने की शिफारिश भी अपनी जांच रिपोर्ट में की है  l


इससे 2 दिन पहले ही बीती 25 जुलाई को CMO ने उर्वशी की शिकायत पर कार्यवाही करते हुए राजाजीपुरम के ऍफ़ ब्लाक स्थित राशि हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर के प्रबंधक को पत्र लिखकर चिकित्सालय का सञ्चालन बंद करके हॉस्पिटल की चार खामियां दूर करने के बाद ही चिकित्सालय में चिकित्सीय सेवाएं प्रदान करना शुरू करने का आदेश दिया था  l  


समाजसेविका उर्वशी शर्मा कहती हैं कि जन सेवा के लिए खुलने वाले हॉस्पिटल अब लालच के अड्डे बनते जा रहे हैं l उर्वशी कहती हैं कि सामान्यतया डॉक्टर संवेदनशील माने जाते हैं परन्तु अब देखा जा रहा है कि डॉक्टर भी संवेदनहीन होकर लालची होते जा रहे हैं जिस कारण बिना मानक हॉस्पिटल और नर्सिंग होम्स चलाकर  वेबस मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करके चिकित्सा जैसा पवित्र क्षेत्र भी दागदार होता जा रहा है l

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